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गुजरात निकाय चुनाव 2026: ठेकेदारों और लाभ का पद रखने वालों की खैर नहीं, चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के लिए जारी किए सख्त नियम

गुजरात राज्य चुनाव आयोग ने महानगर पालिकाओं और नगर पालिकाओं के आगामी चुनावों को देखते हुए उम्मीदवारों की पात्रता (Eligibility) और नामांकन की जांच को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति नगर निगम का ठेकेदार (Contractor) है या किसी व्यावसायिक परियोजना में भागीदारी रखता है, तो वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य (Disqualified) माना जाएगा। इसके अलावा, उम्मीदवार के लिए यह अनिवार्य है कि उसका नाम अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची (Voter List) में दर्ज हो और नामांकन की अंतिम तिथि तक उसने 21 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो। आयोग ने स्पष्ट किया है कि लाभ का पद (Office of Profit) धारण करने वाले या नैतिक पतन के मामलों में 6 महीने से अधिक की सजा पाने वाले व्यक्तियों के आवेदन पत्र तुरंत खारिज कर दिए जाएंगे।

आयोग की इस नई एडवाइजरी (Advisory) में नामांकन प्रक्रिया (Nomination Process) को लेकर भी महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया गया है। गुजरात प्रोविंशियल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन अधिनियम 1949 की धारा 10 के तहत, कोई भी पंजीकृत मतदाता किसी भी वार्ड से चुनाव लड़ सकता है, लेकिन उसके प्रस्तावक और समर्थक का नाम उसी संबंधित वार्ड की मतदाता सूची में होना अनिवार्य है। नामांकन पत्र पर उम्मीदवार, प्रस्तावक और समर्थक के हस्ताक्षर (Signature) पूरी तरह सही होने चाहिए; किसी भी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर फॉर्म को रद्द कर दिया जाएगा। इन सख्त नियमों ने राजनीतिक दलों, विशेषकर भाजपा और कांग्रेस के बीच खलबली मचा दी है, क्योंकि अब उन्हें उम्मीदवारों के चयन में उनके व्यावसायिक हितों और कानूनी रिकॉर्ड की सूक्ष्मता से जांच (Scrutiny) करनी होगी।

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