ધર્મ દર્શનરાષ્ટ્રીય

चारधाम यात्रा 2026 का शंखनाद: अक्षय तृतीया पर खुले गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट, वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा हिमालय

भारत की सबसे पवित्र और प्रसिद्ध तीर्थयात्राओं (Pilgrimages) में से एक ‘चारधाम यात्रा-2026’ का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है। छह महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुનોત્રી धाम के कपाट पूरी श्रद्धा के साथ खोल दिए गए हैं। वैदिक मंत्रोच्चार और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ मंदिर के द्वार खुलने से लाखों श्रद्धालुओं का इंतजार समाप्त हुआ। हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाने वाली यह यात्रा हिमालय की ऊंचाइयों पर स्थित चार मुख्य धामों—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ से जुड़ी है। मान्यता है कि इस कठिन यात्रा को पूरा करने से व्यक्ति को आत्मिक शांति और मोक्ष (Salvation) की प्राप्ति होती है। परंपरा के अनुसार, इस पवित्र यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री से होती है, जिसके बाद क्रमशः अन्य धामों के दर्शन किए जाते हैं।

प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक शेड्यूल (Schedule) के अनुसार, यमुनोत्री धाम 11 नवंबर तक और गंगोत्री धाम 10 नवंबर तक भक्तों के लिए खुले रहेंगे। बाबा केदारनाथ के कपाट कल यानी 22 अप्रैल को विशेष पूजा-अर्चना के बाद खोले जाएंगे, जबकि बद्रीनाथ धाम के द्वार 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में रजिस्ट्रेशन (Registration) होने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए हैं। तीर्थयात्रियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पास (Pass) की व्यवस्था की गई है। दुर्गम रास्तों और बदलते मौसम (Weather) को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को फिटनेस प्रमाण पत्र साथ रखने और स्थानीय गाइडलाइन्स का पालन करने की सलाह दी गई है, ताकि उनकी यात्रा मंगलमय और सुरक्षित रहे।

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