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BREAKING: पूरे देश में लागू हुआ ‘एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट’: अब सरकार तय करेगी पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की किल्लत (Shortage) पैदा हो गई है, जिससे निपटने के लिए भारत सरकार ने पूरे देश में आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और एस्મા (ESMA) कानून लागू कर दिया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति (Supply) प्रत्येक नागरिक तक समान रूप से पहुंचे। नए नियमों के अनुसार, अब कोई भी एजेंसी या व्यापारी मुनाफे के लिए ईंधन की जमाखोरी (Hoarding) नहीं कर सकेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह स्वयं तय करेगी कि किस क्षेत्र में कितना ईंधन भेजा जाना चाहिए, ताकि किसी भी हिस्से में कृत्रिम कमी न हो। इस कानून के तहत ईंधन की आपूर्ति में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ा कानूनी मामला दर्ज किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने गैस वितरण (Distribution) के लिए चार स्तर की प्राथमिकताएं तय की हैं। पहली प्राथमिकता में घरेलू पीएनजी (PNG), परिवहन के लिए सीएनजी (CNG) और एलपीजी (LPG) उत्पादन को रखा गया है, जिन्हें पिछले छह महीने के औसत उपयोग का 100% कोटा (Quota) मिलता रहेगा। दूसरी ओर, औद्योगिक और व्यावसायिक (Commercial) ग्राहकों के कोटे में कटौती कर इसे 80% तक सीमित कर दिया गया है। सबसे बड़ा असर बिजली पैदा करने वाले पावर प्लांट्स और तेल रिफाइनरियों (Oil Refineries) पर पड़ेगा, जिनके गैस उपयोग में 65% तक की कटौती की गई है। इसके साथ ही, गैस प्राप्त करने वाली इकाइयों पर इसे किसी तीसरी पार्टी को दोबारा बेचने (Resale) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। सरकार की यह रणनीति (Strategy) युद्ध के कठिन समय में आम आदमी के चूल्हे और परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए बनाई गई है।

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