सड़कों पर कांग्रेस: मोदी सरकार के खिलाफ देशव्यापी जनआंदोलन का एलान, दो बड़े मुद्दों पर घेराबंदी
केंद्र की मोदी सरकार को विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों पर घेरने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक साथ दो मोर्चों पर बड़े देशव्यापी जनआंदोलन (Mass Movement) का शंखनाद कर दिया है। एक तरफ जहां भारतीय युवा कांग्रेस पहले से ही नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में उग्र विरोध प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने की पूरी तैयारी कर ली है। दिल्ली में शनिवार (6 जून) को कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग और अल्पसंख्यक विभाग की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि दोनों विभाग मिलकर भाजपा सरकार के तहत समाज के कमजोर वर्गों के साथ हो रहे कथित अन्याय के खिलाफ देशव्यापी स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
इस रणनीतिक बैठक के बाद कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) के दौरान अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी और अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने संयुक्त रूप से सरकार पर तीखे हमले किए। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने आधिकारिक घोषणा की कि आगामी 20 जुलाई को दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक विशाल और ऐतिहासिक विरोधाभास प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें देशभर के पीड़ित समुदायों के सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस बड़े आंदोलन की जमीनी रूपरेखा तैयार करने के लिए जून के तीसरे सप्ताह में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़ी जॉइंट मीटिंग (Joint Meeting) बुलाई गई है, जिसके बाद इस अभियान को जिला और ब्लॉक स्तर (Block Level) तक विस्तारित किया जाएगा ताकि इस राजनीतिक संदेश को सीधे आम जनता तक पहुंचाया जा सके।

